आमलकी व्रत एकादशी
27 फेब्रुवारी 2026 को शुक्रवार के दिन आ रही है
अमलकी एकादशी (आंवला एकादशी) हिन्दू धर्म में अत्यंत पुण्यदायी व्रत माना जाता है। यह फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है और भगवान विष्णु तथा आंवला (अमलकी) वृक्ष की पूजा की जाती है
होली से पहले पड़ती है
आंवला वृक्ष को भगवान विष्णु का निवास स्थान माना जाता है।
इस दिन व्रत और पूजा करने से पापों का नाश और पुण्य की वृद्धि होती है।
मोक्ष की प्राप्ति और स्वास्थ्य लाभ का भी उल्लेख मिलता है।
🪔 व्रत कथा
प्राचीन काल में एक धर्मपरायण राजा और उसके प्रजा जन अमलकी एकादशी का व्रत करते थे। वे आंवले के वृक्ष के नीचे भगवान विष्णु की पूजा करते थे। एक शिकारी भी उस पूजा में शामिल हो गया। व्रत के पुण्य प्रभाव से उसका जीवन सुधर गया और अगले जन्म में उसे श्रेष्ठ जीवन प्राप्त हुआ। इससे इस व्रत की महिमा सिद्ध होती है।
🙏 पूजा विधि
प्रातः स्नान करके व्रत का संकल्प लें।
भगवान विष्णु की पूजा करें।
आंवला वृक्ष के नीचे दीप जलाएं और जल अर्पित करें।
वृक्ष की परिक्रमा करें।
विष्णु मंत्र या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
फलाहार या निर्जल व्रत रखें (शक्ति अनुसार)।
व्रत के लाभ-
✅ पापों से मुक्ति
✅ सुख-समृद्धि की प्राप्ति
✅ स्वास्थ्य लाभ
✅ विष्णु कृपा और आध्यात्मिक उन्नति

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