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| 5 मई 2026 अंगारक संकष्टी चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा करें और चंद्रोदय 10:14 PM के बाद व्रत पूर्ण करें। |
अंगारक संकष्टी चतुर्थी एक बहुत ही शुभ दिन होता है जब:
भगवान गणेश की विशेष पूजा की जाती है
यह व्रत संकष्टी चतुर्थी (हर महीने आने वाली चतुर्थी) का ही रूप है
लेकिन जब यह मंगलवार (अंगारक/मंगल) को पड़ता है, तब इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है
👉 5 मई 2026 को यह विशेष संयोग बन रहा है, इसलिए यह दिन बहुत शक्तिशाली माना जाएगा।
पंचांग विवरण (5 मई 2026)
📆 दिन
मंगलवार (अंगारक) 🔥
🌙 तिथि
कृष्ण पक्ष चतुर्थी (संकष्टी चतुर्थी)
तिथि प्रारंभ: लगभग सुबह
तिथि समाप्त: रात तक (चंद्र दर्शन तक मान्य)
🌌 नक्षत्र
ज्येष्ठा नक्षत्र (संभावित, दिन में परिवर्तन हो सकता है)
🌙 चंद्र राशि
वृश्चिक राशि
🌅 सूर्योदय / सूर्यास्त
सूर्योदय: लगभग 5:45 AM
सूर्यास्त: लगभग 6:40 PM
🌙 चंद्र दर्शन (सबसे महत्वपूर्ण)
चंद्र उदय (Moonrise):
10: 14 pm
👉 इसी समय के बाद व्रत खोला जाएगा
हिंदू धर्म में अंगारक संकष्टी चतुर्थी का विशेष महत्व है। यह दिन
भगवान गणेश की कृपा पाने के लिए सबसे शक्तिशाली माना जाता है।
जब संकष्टी चतुर्थी मंगलवार को आती है, तब इसे “अंगारक” कहा जाता है, और इसका फल कई गुना बढ़ जाता है।
🔥 अंगारक संकष्टी चतुर्थी क्या है?
संकष्टी चतुर्थी हर महीने आती है, लेकिन जब यह मंगलवार को पड़ती है, तो इसे अंगारक चतुर्थी कहा जाता है।
“अंगारक” शब्द का संबंध मंगल ग्रह से है, जो शक्ति, साहस और ऊर्जा का प्रतीक है।
👉 यह दिन खासतौर पर:
संकटों से मुक्ति
ग्रह दोष शांति
मनोकामना पूर्ति
के लिए जाना जाता है
📿 अंगारक चतुर्थी 2026 व्रत विधि
🪔 सुबह की तैयारी
स्नान करके व्रत का संकल्प लें
साफ कपड़े पहनें
गणेश जी का ध्यान करें
🌞 दिनभर नियम
निर्जल या फलाहार व्रत रखें
मन में शुद्धता और संयम रखें
🌙 शाम की पूजा
भगवान गणेश की मूर्ति या फोटो स्थापित करें
दूर्वा, मोदक और फूल अर्पित करें
दीपक जलाएं
👉 मंत्र:
“ॐ गण गणपतये नमः” (108 बार जप करें)
🌙 चंद्र दर्शन का सही समय (2026)
अंगारक संकष्टी चतुर्थी में चंद्र दर्शन बहुत महत्वपूर्ण होता है।
👉 अनुमानित चंद्र उदय: रात 10:14 बजे (स्थान अनुसार बदल सकता है)
चंद्रमा को जल अर्पित करें
फिर व्रत खोलें
🌟 अंगारक चतुर्थी का महत्व
💫 1. संकट नाशक
“संकष्टी” का अर्थ है संकटों को हरने वाला
🔴 2. मंगल दोष शांति
मंगल ग्रह के दोष कम होते हैं
🙏 3. मनोकामना पूर्ति
सच्चे मन से किया गया व्रत इच्छाएं पूरी करता है
🧠 4. मानसिक शांति
तनाव और चिंता कम होती है
📜 पूजा के नियम (Do’s & Don’ts)
✅ क्या करें
व्रत के दौरान सकारात्मक सोच रखें
गणेश जी का नाम जप करें
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जरूरतमंद को दान करें
❌ क्या न करें
क्रोध और नकारात्मक विचार
झूठ बोलना
व्रत नियम तोड़ना
✨ विशेष उपाय (Powerful Remedies)
108 बार “ॐ गणेशाय नमः” जप
दूर्वा (घास) अर्पित करें
मोदक का भोग लगाएं
गरीबों को भोजन कराएं
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👉 यह उपाय जीवन की बाधाओं को तेजी से दूर करते हैं
अंगारक संकष्टी चतुर्थी एक ऐसा पवित्र दिन है जो जीवन के संकटों को दूर करने और सफलता पाने का सरल मार्ग देता है।
यदि इसे श्रद्धा और नियम से किया जाए, तो भगवान गणेश की कृपा अवश्य प्राप्त होती है।

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