Contact us

नाम

ईमेल *

संदेश *

बुधवार, 17 जून 2026

प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि 12 जुलाई 2026: भगवान शिव की कृपा पाने का पावन अवसर

भगवान शिव का प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि 12 जुलाई 2026 का धार्मिक पोस्टर, पूजा विधि और महत्व सहित
12 जुलाई 2026 को प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि का शुभ संयोग। जानें भगवान शिव की पूजा विधि, व्रत कथा, महत्व और प्राप्त होने वाले आध्यात्मिक लाभ।

प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि 

हमारे धर्म में भगवान शिव की आराधना के लिए प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि ,फरवरी और सोमवार का विशेष महत्व माना गया है। वर्ष 2026 में 12 जुलाई रविवार का दिन शिव भक्तों के लिए अत्यंत पावन है क्योंकि इस दिन प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत और पूजन करने से सभी कष्ट दूर होते हैं तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।


प्रदोष व्रत क्या है?

हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है।

प्रदोष काल सूर्यास्त से लगभग डेढ़ घंटे पहले और बाद का समय माना जाता है। इस समय भगवान शिव कैलाश पर नृत्य करते हैं और समस्त देवता उनकी आराधना करते हैं।


मासिक शिवरात्रि क्या है?

प्रत्येक माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। यह दिन भगवान शिव की विशेष पूजा और रात्रि जागरण के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

मासिक शिवरात्रि का व्रत करने से महाशिवरात्रि के समान पुण्य प्राप्त होता है और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।


12 जुलाई 2026 का धार्मिक महत्व

12 जुलाई 2026 का दिन शिव भक्तों के लिए विशेष फलदायी माना जा रहा है।

इस दिन:.1.भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व रहेगा।

2.प्रदोष काल में शिवलिंग पर अभिषेक करना अत्यंत शुभ होगा।3.रुद्राभिषेक करने से पापों का नाश होगा।

4.वैवाहिक जीवन में सुख और शांति प्राप्त होगी।

5.आर्थिक समस्याओं से राहत मिलने की मान्यता है।शिव कृपा से मानसिक तनाव दूर होता है।

#पारद शिवलिंग यहाँ से खरीदें 👇 

https://amzn.to/4uCp7Kt


पूजा के लिए आवश्यक सामग्री

गंगाजल,शुद्ध जल,दूध,दही,शहद,,घी,बेलपत्र,धतूरा,भांग,सफेद चंदन,अक्षत,दीपक,अगरबत्ती,फल और मिष्ठान(मिठा दलिया,)


प्रदोष व्रत एवं मासिक शिवरात्रि पूजा विधि

1. प्रातः स्नान करें

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

2. व्रत का संकल्प लें

भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।

3. शिवलिंग का अभिषेक करें

शिवलिंग पर जल, दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल अर्पित करें।

4. बेलपत्र अर्पित करें

तीन पत्तियों वाला बेलपत्र शिवलिंग पर अर्पित करें।

5. मंत्र जाप करें

कम से कम 108 बार इस मंत्र का जाप करें:

ॐ नमः शिवाय

6. शिव चालीसा का पाठ करें

शिव चालीसा, महामृत्युंजय मंत्र और रुद्राष्टकम का पाठ करें।

7. प्रदोष काल में दीपदान करें

संध्या समय शिव मंदिर में दीपदान करना अत्यंत शुभ माना जाता है

8. नित्य पाठ की 42 ओवी (शिवलीलामृत)

शिवलीलामृत ग्रंथ पढे, पुरा ग्रंथ पढना नहीं होता तो सिर्फ ऊपर दी गया पढा तो समान फल मिलता हैं ऐसा शिवलीलामृत ग्रंथ में संदर्भ हैं 

#नर्मदेश्वर शिवलिंग यहाँ से खरीदें 👇 

।https://amzn.to/4uKXlf4


प्रदोष व्रत कथा

पुराणों में वर्णित कथा के अनुसार एक समय एक निर्धन ब्राह्मण अपने परिवार के साथ अत्यंत कठिन जीवन व्यतीत कर रहा था। उसने एक महात्मा से अपनी समस्या बताई।

महात्मा ने उसे प्रदोष व्रत करने की सलाह दी।

ब्राह्मण ने श्रद्धापूर्वक प्रदोष व्रत किया और भगवान शिव की पूजा की। कुछ समय बाद उसकी सभी परेशानियां दूर हो गईं तथा उसे धन, सम्मान और सुख की प्राप्ति हुई।

तब से प्रदोष व्रत को भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने वाला श्रेष्ठ व्रत माना जाता है।


मासिक शिवरात्रि कथा

एक शिकारी जंगल में शिकार की तलाश में भटक गया। रात होने पर वह एक बेल वृक्ष पर चढ़ गया।

नीचे एक शिवलिंग स्थापित था। रातभर जागते हुए उसके हाथों से बेलपत्र शिवलिंग पर गिरते रहे।

उस दिन शिवरात्रि थी। अनजाने में हुए इस पूजन से भगवान शिव प्रसन्न हुए और शिकारी को मोक्ष का आशीर्वाद दिया।

इस कथा से पता चलता है कि सच्चे भाव से की गई शिव आराधना अवश्य फल देती है।


प्रदोष व्रत के लाभ

  • भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।
  • रोग और शोक दूर होते हैं।
  • विवाह संबंधी बाधाएं समाप्त होती हैं।
  • आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
  • परिवार में सुख-शांति आती है।
  • मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
  • पितृ दोष से राहत मिलती है।

मासिक शिवरात्रि के लाभ

  • मानसिक शांति प्राप्त होती है।
  • आध्यात्मिक उन्नति होती है।
  • नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
  • ग्रह दोष कम होते हैं।
  • जीवन में सफलता के मार्ग खुलते हैं।
  • भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

इस दिन क्या करें?

✅ शिवलिंग पर जल चढ़ाएं।
✅ महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
✅ गरीबों को दान दें।
✅ शिव मंदिर में दीपदान करें।
✅ रुद्राभिषेक कराएं।


क्या न करें?

❌ क्रोध न करें।
❌ किसी का अपमान न करें।
❌ मांस और मदिरा का सेवन न करें।
❌ झूठ और छल-कपट से बचें।



12 जुलाई 2026 का प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि भगवान शिव की उपासना के लिए अत्यंत शुभ अवसर है। इस दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ व्रत, अभिषेक, मंत्र जाप और दान-पुण्य करने से भोलेनाथ की कृपा प्राप्त होती है तथा जीवन के कष्ट दूर होते हैं। भगवान शिव अपने भक्तों पर सदैव कृपा बनाए रखें।

नर्मदेश्वर शिवलिंग यहाँ से खरीदें 👇 

https://www.amazon.in/dp/B0BP2L94NM/ref=cm_sw_r_as_gl_apa_gl_i_V2VY510YT6JB4NDSVJRH?linkCode=ml1&tag=avaniandlifes-21&linkId=c3038bc89260eb545c8ee2f27a7601ca


ये भी पढें जोड़ें:

  • योगिनी एकादशी 10 जुलाई 2026
  • भागवत (देवशयनी) एकादशी 11 जुलाई 2026
  • सोमवती अमावस्या 2026
  • संकष्टी चतुर्थी 3 जुलाई 2026
  • सत्य गणपति नांदेड़ मंदिर का इतिहास


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

"Comment karne ke liye dhanyavaad. Kripya spam links na bhejein. Aapka comment approval ke baad publish hoga."

आरती खंडेरायाची | श्री खंडोबा महाराजांची संपूर्ण आरती मराठीत

  जय जय खंडेराया। निजशिवरूप सखया। आरती ओवाळीतों। भावभंडारसुप्रिया।। धृ०।। देहत्रय गण थोर। हेचि दुरघट जेजुर। तेथें तूं नांदतोसी। आत्मसाक्षित...